शुक्रवार, सितंबर 19, 2014

Setigbaz - Ready For Release

प्रदर्शन के लिए तैया राहुल अपूर्वा की  सेटिंगबाज़ 

महुआ टीवी के हास्य शो विजेता व ज़ी पुरवैया के शो गज़ब है के एंकर राहुल सिंह और भोजपुरी  की चर्चित अदाकारा अपूर्वा बिट की फिल्म सेटिंगबाज़ प्रदर्शन के लिए तैयार है।  निवनिर्मल इंटरटेनमेंट व माँ केला देवी फिल्म्स ( धीरेन्द्र चौबे ) द्वारा प्रस्तुत इस फिल्म के निर्देशक हैं साकेत यादव जबकि निर्मात्री हैं गीता बिट।    फिल्म में राहुल और अपूर्वा के अलावा मनोज टाइगर , प्रकाश जैस , नैना दास , समर्थ चतुर्वेदी और बब्बन यादव मुख्य भूमिका में हैं।  छोटे परदे से बड़े परदे पर छलांग लगा रहे राहुल की इस फ़िल्म में अलग अलग सेटिंग बाज़ी से दर्शक रुबरु होंगे।  मूलतः हास्य प्रधान इस फ़िल्म में अपूर्वा बिट भी अपनी पिछली फिल्मो से अलग रूप में नज़र आने वाली है।  राहुल के अनुसार , जब उन्हें इस फ़िल्म का प्रस्ताव आया तो फ़िल्म की कहानी तो पसंद आयी ही साथ ही फ़िल्म कि अभिनेत्री के रूप में अपूर्वा को पा कर उन्हें काफी ख़ुशी हुई क्योंकि सेटिंगबाज़ जहाँ उनकी पहली फिल्म थी वहीँ अपूर्वा इसके पूर्व कई बड़ी फिल्मो में अपने अभिनय का जलवा बिखेर चुकी थी।  बहरहाल राहुल और अपूर्वा इस फिल्म में किस तरह के सेटिंगबाज़ है इसका खुलासा तो फिल्म के रिलीज़ होने पर ही पता चलेगा लेकिन फिल्म के गानो के पहले ही हिट हो जाने की वजह से दर्शको में इस फिल्म को लेकर खासी उत्सुकता है।  

Yash Mishra and Anjana Singh in Hero Gamchawala

                                              यश अंजना हीरो गमछावाला में फिर साथ साथ 

भोजपुरी फिल्मो की हॉट जोड़ी एक्शन किंग  यश मिश्रा व भोजपुरी फिल्मो की हॉट केक  कही जाने वाली अभिनेत्री अंजना सिंह एक बार फिर साथ दिखेंगे अपनी अगली फिल्म हीरो गमछा वाला में।  यश ने पिछले साल अंजना सिंह के ही साथ फिल्म दिलदार साँवरिया से अपने कैरियर की शुरुवात की थी।   . फिल्म को दर्शको का अच्छा प्रतिसाद तो मिला ही साथ ही भोजपुरी फिल्मो को भी एक नयी जोड़ी मिल गयी।  इन दोनों ने इसके बाद राजा जी आई लव यु , दिल लागल दुपट्टा वाली से में भी काम किया और  तीनो ही फिल्मो में इनकी जोड़ी को भोजपुरी की हॉट जोड़ी का दर्ज़ा मिल गया। बतौर जोड़ी यश अंजना की  यह चौथी फिल्म है  . हीरो गमछावाला में यश एक गायक की भूमिका में हैं  . इस फिल्म के निर्माता रितेश ठाकुर व निर्देशक विष्णु शंकर बेलू हैं।  हाल ही में यश ने  रसिक बलमा और  सपेरा फिल्म की शूटिंग पूरी की है  . हीरो गमछा वाला के बाद यश और अंजना एक बार फिर साथ दिखेंगे अपनी अगली फिल्म एक्शन राजा में।  

Priyanka Pandit in Virasat

प्रियंका संभालेगी विरासत 

भोजपुरी फिल्मो की हॉट गर्ल प्रियंका पंडित इन दिनों गुजरात में अपनी अगली फिल्म विरासत की शूटिंग में व्यस्त हैं।  निर्माता निर्देशक अनिल सिनकर की इस फिल्म में उनके हीरो हैं सुपर स्टार  पवन  सिंह।  इसी साल जनवरी में भोजपुरी फिल्म जगत में अपनी पारी शुरू करने वाली प्रियंका की यह छठी फिल्म है , इसके पहले उनकी फिल्म जानेमन , विलेन एक प्रेम कहानी और दीवानगी हद तक रिलीज़ हो चुकी है जबकि जो जीता वही सिकंदर व नगीना प्रदर्शन के लिए तैयार है।  हालांकि प्रियंका ने अपने कैरियर की शुरुवात राजकुमार आर पांडे की फिल्म जीना तेरी गली से की थी लेकिन इस फिल्म की सफलता के बाद वह एक साल तक  गुजराती फिल्म जगत में व्यस्त हो गयी थी।  इसी साल उन्होंने खेसारी लाल के साथ जानेमन से अपनी दूसरी पारी की शुरुवात की।  प्रियंका की पुनर्वासी पर भोजपुरी फिल्म जगत ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया और वह कई बड़ी  फिल्मो का हिस्सा बन गयी।  विरासत में प्रियंका पहली बार अपने पसंदीदा गायक पवन सिंह के अपोजिट है।  विरासत को लेकर उत्साहित प्रियंका कहती है की वो पवन सिंह के गानो की पहले से ही दीवानी थी , यह उनकी खुशकिस्मती है की भोजपुरी में उनके सभी पसंदीदा कलाकारों के साथ उन्हें काम करने का मौक़ा मिल रहा है।  विरासत की शूटिंग समाप्ति के बाद प्रियंका एक बार फिर से पवन सिंह के ही साथ प्रसिद्द निर्देशक जगदीश शर्मा की फिल्म की शूटिंग पूरी करेंगी।  

मनोज तिवारी बनाएंगे अनोखा रिकॉर्ड Aurat Khilona Nahi


भोजपुरी फिल्मो के मेगा स्टार व भाजपा सांसद मनोज तिवारी अगले महीने एक अनोखा रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं।  यूँ तो कई कलाकार सांसद रहे हैं और सांसद रहते उनकी फिल्मे भी रिलीज़ होती रही है लेकिन बतौर मुख्य अभिनेता अर्थात फिल्म के हीरो रहते आज तक किसी भी सांसद की फिल्मे रिलीज़ नहीं हुई है। हालांकि दक्षिण भारत में एन टी रामाराव और एम जी रामचंद्रन दो ऐसे नाम हैं जिन्होंने राजनीति में रहते हुए भी मुख्य भूमिका वाली फिल्म की लेकिन दोनों ही नेता राज्यस्तरीय राजनीति  से जुड़े  थे।  बतौर सांसद मनोज तिवारी की पहली फिल्म औरत खिलौना नहीं अगले माह बॉक्स ऑफिस पर दस्तक दे रही  है।  इस फिल्म में वो एक जांबाज़ पुलिस अधिकारी की भूमिका में हैं। शंकर रोहिरा  , एस आर फिल्म्स प्रजेंट्स व आर ए आई एस फिल्म्स की इस फिल्म के निर्माता हैं अविनाश रोहिरा व मोहम्मद असलम जबकि निर्देशक असलम शेख ने खुद अपनी ही कथा और पटकथा पर इस फिल्म को निर्देशित किया है। फिल्म में भोजपुरी  फिल्मो के मेगा स्टार मनोज तिवारी मृदुल , रिंकू घोष , मोनालिसा , शैलेश सिन्हा , मोहिनी घोष , अयाज़ खान , प्रकाश जैस , रितु पांडे और अवधेश मिश्रा मुख्य भूमिका में हैं जबकि संगीता तिवारी, श्वीटी छाबरा , सूर्या और आइटम क्वीन संभावना सेठ भी इस  फिल्म में अतिथि लेकिन अहम किरदार में हैं। यही नहीं इस फिल्म से भोजपुरी फिल्म जगत को इम्तियाज़ असलम के रूप में एक दमदार अभिनेता मिलने जा रहा है।  इस फिल्म से इम्तियाज़ की भोजपुरी फिल्म जगत में एंट्री हो रही है। 

शुक्रवार, जुलाई 18, 2014

खून भरी मांग में अंजना सिंह का तड़का


भोजपुरी फिल्मो की हॉट केक अंजना सिंह की अदाओं का तड़का  उनके चहेतो को जल्द ही देखने को मिलेगा भोजपुरी की बहुचर्चित फिल्म खून भरी मांग में ।  इस फिल्म के एक विशेष गानों में अंजना  सिंह   सुपर  स्टार खेसारी लाल यादव के साथ ठुमका लगाते दिखेंगी ।  निर्माता प्रदीप सिंह व निर्देशक राज कुमार आर पांडे की  इस फिल्म में सितारों की भरमार है , इन सितारों के बीच अंजना सिंह का प्रमोशनल सांग का भी अपना अलग महत्व है।  उल्लेखनीय है की इस के पूर्व अंजना ने राजकुमार पाण्डेय की ही फिल्म जीना तेरी गली में और गोला बारूद में विशेष गाना किया था जिसे दर्शको ने बहुत पसंद किया था।  मात्र तीन साल में ही ३५ से भी अधिक फिल्मो में अदाकारी का जलवा विखेर चुकी अंजना की इस साल भी अभी तक ६ फिल्मे रिलीज़ हो चुकी है ,  यही नहीं पिछले एक महीने में अंजना की दिल लागल दुपट्टा वाली से , प्यार मोहब्बत ज़िंदाबाद और बाबा रंगीला रिलीज़ हुई है।  खून भरी मांग में अंजना पर फिल्माया गया गाना फिल्म के दर्ज़नो ख़ास आकर्षण में से एक माना जा रहा है।  अंजना के अनुसार , राजकुमार आर पांडे  की गिनती भोजपुरी के सबसे बड़े निर्देशकों में होती है और  उनके निर्देशन में वो ट्रक ड्राइवर , गोला बारूद , जीना तेरी गली में काम कर चुकी है और उनकी हर फिल्मो ने सफलता का परचम लहराया है और इसी तरह खून भरी मांग भी अवश्य सफल होगी। 

गुरुवार, अक्टूबर 31, 2013

My father saved me from becoming a male prostitute: Ravi Kishan


Ravi Kishan Shukla, 43, may have taken up Bhojpuri films as he had no work in Bollywood, but Bhojpuri films got him the superstar status, along with the respect and the money. He has high self-respect and is deeply emotional. He feels that if you give him love, he will become your servant. If you give him respect, he will return more than what he gets. He believes he is like a typical crab, which, when hurt, gets into its shell that may not be good for the world he belongs to. He would rather sit and pray for work as against sucking up for it. Despite having done over 200 films, he is simple at heart. His wife Preeti, who he met in Class XI, has remained his partner in struggle. Ahead of his upcoming film Bullett Raja, he talks about his maverick side, the political Bihari and why he would like to be a woman in his next life. Excerpts:

How did you get into films?
I was born and brought up in a 10x12 sq ft chawl in Santacruz. We are five siblings and I was the youngest of them. My father was a priest and had a small dairy business. When I was 10, due to a dispute between my father and his brother, the dairy had to be shut down, as a result of which we moved back to his hometown, Jaunpur in UP. I stayed in Jaunpur for seven years and was simply not interested in studying. We just had some land on which we would do farming and were very poor. We lived in a mud house and could not even afford a sari for my mother on Diwali. I hated the thought of not being in Mumbai and felt I would either die or turn mad or become a goonda. But I watched a lot of Amitabh Bachchan movies and that encouraged and influenced me a lot. Hearing him say, 'Main pheke hue paise nahi leta' gave me a lot of power. And I realised how for guys like me, who had no backing, no education, no teacher in life, cinema became my teacher. I was also a part of Ramleela, where I played the role of Sita. I believe that God plans your life. My father wanted me to do milk business and used to bash me up badly with a belt saying, 'Yeh tum nachaniya kya ban rahe ho?' But when I was 17, my mom gave me 500 and I ran away from home to come to Mumbai. I then stayed in our old 10x12 sq ft place and met an old friend Hriday Shetty, who introduced me to a filmmaker. I got my first B-grade film Pitambar and made my first 5000. I bought a bike and started struggling. I was recognised after Tere Naam, where I coincidentally played the role of a priest. I copied and used my papa's clothes to bring in authenticity.

You are from UP. How did you get into Bhojpuri cinema?

There was a time when I was not making money in Bollywood and I was then offered a Bhojpuri film. I called my mom. We speak Awadhi at home that is close to Bhojpuri. She said, 'Do it for your village people.' I did it and became a Bhojpuri superstar and that changed my life. I had no house till then and no money. But Bhojpuri cinema gave me the respect, recognition and money. I bought back my 10x12 sq ft place that was earlier on the pagdi system, made it into a much bigger place and gifted it to my sister. My parents now live in a bungalow like a raja and rani and entire Jaunpur comes and clicks pictures with them. People have now started naming their kids Ravi Kishen. Being a big star of Bhojpuri cinema got me Bigg Boss that made me famous. When I came out, I did films with Shyam Benegal and Mani Ratnam.

What are Biharis like?

They are aggressive, happy and political. Even the rickshawallah in Bihar knows the prime minister's wife's name. Bolte hain ki UP aur Bihar mein maa ke pet me hi politics samajh jate hain. From morning to evening, they love reading newspapers. They want to earn only enough to manage their food and are not over ambitious. They love me screaming 'Har Har Mahadev' and like my simplicity and the fact that I have not forgotten the language and that I did not let success go to my head. I recently went to a mall in Patna, where this fan wanted to jump from above to just touch me. Fans will come to you and say, 'Bhaiya, I want to cut my finger to lagao teeka.' I once slapped a boy in front of his mother for doing that. For them, I am everything and they know everything about me. I dance and cry with them on Chhath puja.

Your father never supported you at one time. What does he feel today?

He feels I am God born in the house. I never felt angry towards him. He used to hit me and I used to love it. Had he not hit me, I could have turned to drugs, or made bad friends or become a womaniser and would have certainly gone wayward in life. He also taught me the habit of getting up early in the morning.

Has his being a priest impacted your spirituality?

Yes and none of my other siblings are as spiritual as I am. He taught me everything about life, woman, maya, attachment, detachment and sex in a polished indirect manner. He used to tell me save your mind and your body. Don't waste your energy. Don't become a male prostitute. Don't give a false commitment. He was very strict about being a one- woman man. I am a full Shiva bhakt.

Talk about your connection with dance?

When I was eight, I would go crazy dancing in marriages. During Ganpati, I would dance on the street all night. I loved music and would be mad about dancing. Ganesh Acharya and I used to dance together in a cottage in Santacruz railway colony when we were young and I would borrow a few steps from him.

शुक्रवार, सितंबर 13, 2013

दिल्ली गैंगरेप केस : सभी दोषियों को फांसी की सजा

 दिल्ली गैंगरेप के चारों गुनहगारों को कोर्ट ने शुक्रवार को फांसी की सजा सुनाई है। फास्ट टै्रक कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश योगेश खन्ना दोपहर ढाई बजे अपना फैसला सुनाया। इस पूर्व सभी दोषियों को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट पहुंचा दिया गया है। आज सुनाए जाने वाले इस फैसले पर पूरे देश और दुनिया की निगाहें लगी हुई हैं।

अभियोजन पक्ष इस मामले को दुर्लभ अपराध बताते हुए सजा-ए-मौत की मांग कर चुका है, जबकि बचाव पक्ष ने दोषियों को सुधार का एक मौका देने की अपील की है।
अभियोजन पक्ष ने फांसी की सजा की मांग की
वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए मुकेश कुमार, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर को अभियोजन पक्ष के वकील दयान कृष्णन ने मौत की सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा था कि यह वारदात संगठित एवं नियोजित ढंग से अंजाम दिया गया था। वारदात को जिस नृशंस एवं अमानवीय तरीके से अंजाम दिया गया, उसकी पुष्टि पीड़िता की चोटों से भी हुई है। उन्होंने मानवता की सभी हदें पार कर दीं। फांसी की सजा देने से आपराधिक वारदात को अंजाम देने वालों में संदेश जाएगा कि वे बच नहीं सकते।
बचाव पक्ष ने कहा, सुधरने का दिया जाए मौका
बचाव पक्ष के वकीलों का कहना है कि यह मामला दुर्लभ अपराध का नहीं बनता। देश में सैकड़ों हत्याएं होती हैं, हत्या के अपराध को कानून की नजर में नृशंस माना गया है, लेकिन हर हत्या के मामले में फांसी की सजा नहीं दी जाती। अभियुक्तों को सुधार के अवसर के रूप में जेल भेजा जाता है। लिहाजा, इस मामले में फांसी की सजा नहीं दी जानी चाहिए। अभियुक्तों का यह पहला अपराध है। अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा दी जा सकती है।
वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म- क्रोनोलॉजी
16 दिसंबर
-वसंत विहार में रात 9.30 बजे चलती चार्टर्ड बस में फिजियोथेरेपिस्ट युवती से सामूहिक दुष्कर्म व उसके दोस्त की पिटाई
-युवती को सफदरजंग अस्पताल में दाखिल कराया गया
17 दिसंबर
-सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज
-युवती की हालत बिगड़ी, दो सर्जरी की गई
-मुख्य आरोपी राम सिंह गिरफ्तार
19 दिसंबर
-तीन अन्य आरोपी विनय, पवन और मुकेश गिरफ्तार
-अदालत में विनय और पवन ने गलती स्वीकार की और विनय ने फांसी की सजा मांगी
-पीड़िता के दोस्त ने अदालत में बयान दर्ज कराया
-हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस से मामले की रिपोर्ट मांगी
20 दिसंबर
-घटना से आक्रोशित लोगों ने जंतर-मंतर, इंडिया गेट और विभिन्न जगहों पर प्रदर्शन किया
21 दिसंबर
-पुलिस ने हाईकोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की। अदालत ने रिपोर्ट पर असहमति जताई। पुलिस आयुक्त से घटना वाली रात ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के नाम मांगा गया
22 दिसंबर
-एसडीएम ने अस्पताल में जाकर पीड़ित युवती का बयान दर्ज किया
-प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन का घेराव किया
23 दिसंबर
-इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे युवकों और पुलिसकर्मियों में झड़प। कांस्टेबल सुभाष तोमर को अस्पताल में दाखिल कराया गया
24 दिसंबर
-एसडीएम ने बयान दर्ज करने के दौरान डीसीपी छाया शर्मा व दो एसीपी पर व्यवधान डालने का आरोप लगाया। मंडलायुक्त ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को भेजी
26 दिसंबर
-पीड़ित युवती की हालत बिगड़ी। उसे एयर एंबुलेंस से सिंगापुर स्थित माउंट एलिजाबेथ अस्पताल भेजा गया
27 दिसंबर
-पीड़िता की हालत और अधिक बिगड़ी। सिंगापुर के डॉक्टरों ने बताया कि पीड़िता के सिर में गंभीर चोट है
28 दिसंबर
-चिकित्सकों ने लंदन के एक विशेषज्ञ डॉक्टर को पीड़ित की जांच के लिए बुलाया। देर शाम पीड़ित युवती की हालत बेहद नाजुक हुई
-इंडिया गेट पर धारा 144 लगाकर रास्ते बंद करने की पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर
29 दिसंबर
-मध्य रात्रि के बाद 2.15 बजे सिंगापुर में पीड़ित युवती की मौत
-राजधानी छावनी में तब्दील, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
30 दिसंबर
-तड़के 3.30 बजे पीड़ित युवती का शव विमान से दिल्ली पहुंचा। सुबह 7.30 बजे पीड़ित युवती का द्वारका के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार
31 दिसंबर
-जंतर-मंतर पर युवाओं का विरोध प्रदर्शन
1 जनवरी
-जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, दो किसानों ने की भूख हड़ताल
3 जनवरी
-पुलिस ने साकेत कोर्ट में पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
-वारदात में इस्तेमाल बस के मालिक दिनेश यादव को पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया
6 जनवरी
-आरोपी पवन और विनय ने सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई, पुलिस ने मांग को खारिज किया
17 जनवरी
-फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहुंचा वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म का मामला
21 जनवरी
-फास्ट ट्रैक कोर्ट (साकेत) में सुनवाई शुरू हुई
2 फरवरी
-कोर्ट ने राम सिंह, मुकेश, विनय, पवन और अक्षय के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में दायर चार्जशीट पर आरोप तय किए
4 फरवरी
-पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दायर की
5 फरवरी
-साकेत कोर्ट में पीड़िता के दोस्त ने बयान दर्ज कराए
11 मार्च
-तिहाड़ जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में आरोपी राम सिंह की मौत, शव फांसी पर लटका मिला
5 अप्रैल
-तिहाड़ जेल में कैदियों ने आरोपी विनय का हाथ तोड़ा
11 अप्रैल
-आरोपी पवन और विनय ने अर्जी दायर कर कहा कि वे घटना की रात बस में नहीं थे
17 मई
-पीड़िता की मां साकेत कोर्ट में गवाह के तौर पर पेश हुई और कहा कि उसकी बेटी को न्याय दिया जाए
4 जून
-नाबालिग आरोपी 18 साल का हुआ
22 अगस्त
-सुप्रीम कोर्ट ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को फैसला देने की अनुमति दी। नाबालिग की उम्र को लेकर सुब्रहमण्यम स्वामी की तरफ से दायर याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार किया
31 अगस्त
-जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने नाबालिग आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई।
3 सितंबर
-साकेत कोर्ट में आरोपी मुकेश, पवन, विनय और अक्षय की ओर से बचाव पक्ष की अंतिम जिरह पूरी, अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा

Dainik Jagran

दिल्ली गैंगरेप केस : सभी दोषियों को फांसी की सजा

 दिल्ली गैंगरेप के चारों गुनहगारों को कोर्ट ने शुक्रवार को फांसी की सजा सुनाई है। फास्ट टै्रक कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश योगेश खन्ना दोपहर ढाई बजे अपना फैसला सुनाया। इस पूर्व सभी दोषियों को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट पहुंचा दिया गया है। आज सुनाए जाने वाले इस फैसले पर पूरे देश और दुनिया की निगाहें लगी हुई हैं।

अभियोजन पक्ष इस मामले को दुर्लभ अपराध बताते हुए सजा-ए-मौत की मांग कर चुका है, जबकि बचाव पक्ष ने दोषियों को सुधार का एक मौका देने की अपील की है।
अभियोजन पक्ष ने फांसी की सजा की मांग की
वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए मुकेश कुमार, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर को अभियोजन पक्ष के वकील दयान कृष्णन ने मौत की सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा था कि यह वारदात संगठित एवं नियोजित ढंग से अंजाम दिया गया था। वारदात को जिस नृशंस एवं अमानवीय तरीके से अंजाम दिया गया, उसकी पुष्टि पीड़िता की चोटों से भी हुई है। उन्होंने मानवता की सभी हदें पार कर दीं। फांसी की सजा देने से आपराधिक वारदात को अंजाम देने वालों में संदेश जाएगा कि वे बच नहीं सकते।
बचाव पक्ष ने कहा, सुधरने का दिया जाए मौका
बचाव पक्ष के वकीलों का कहना है कि यह मामला दुर्लभ अपराध का नहीं बनता। देश में सैकड़ों हत्याएं होती हैं, हत्या के अपराध को कानून की नजर में नृशंस माना गया है, लेकिन हर हत्या के मामले में फांसी की सजा नहीं दी जाती। अभियुक्तों को सुधार के अवसर के रूप में जेल भेजा जाता है। लिहाजा, इस मामले में फांसी की सजा नहीं दी जानी चाहिए। अभियुक्तों का यह पहला अपराध है। अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा दी जा सकती है।
वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म- क्रोनोलॉजी
16 दिसंबर
-वसंत विहार में रात 9.30 बजे चलती चार्टर्ड बस में फिजियोथेरेपिस्ट युवती से सामूहिक दुष्कर्म व उसके दोस्त की पिटाई
-युवती को सफदरजंग अस्पताल में दाखिल कराया गया
17 दिसंबर
-सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज
-युवती की हालत बिगड़ी, दो सर्जरी की गई
-मुख्य आरोपी राम सिंह गिरफ्तार
19 दिसंबर
-तीन अन्य आरोपी विनय, पवन और मुकेश गिरफ्तार
-अदालत में विनय और पवन ने गलती स्वीकार की और विनय ने फांसी की सजा मांगी
-पीड़िता के दोस्त ने अदालत में बयान दर्ज कराया
-हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस से मामले की रिपोर्ट मांगी
20 दिसंबर
-घटना से आक्रोशित लोगों ने जंतर-मंतर, इंडिया गेट और विभिन्न जगहों पर प्रदर्शन किया
21 दिसंबर
-पुलिस ने हाईकोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की। अदालत ने रिपोर्ट पर असहमति जताई। पुलिस आयुक्त से घटना वाली रात ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के नाम मांगा गया
22 दिसंबर
-एसडीएम ने अस्पताल में जाकर पीड़ित युवती का बयान दर्ज किया
-प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन का घेराव किया
23 दिसंबर
-इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे युवकों और पुलिसकर्मियों में झड़प। कांस्टेबल सुभाष तोमर को अस्पताल में दाखिल कराया गया
24 दिसंबर
-एसडीएम ने बयान दर्ज करने के दौरान डीसीपी छाया शर्मा व दो एसीपी पर व्यवधान डालने का आरोप लगाया। मंडलायुक्त ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को भेजी
26 दिसंबर
-पीड़ित युवती की हालत बिगड़ी। उसे एयर एंबुलेंस से सिंगापुर स्थित माउंट एलिजाबेथ अस्पताल भेजा गया
27 दिसंबर
-पीड़िता की हालत और अधिक बिगड़ी। सिंगापुर के डॉक्टरों ने बताया कि पीड़िता के सिर में गंभीर चोट है
28 दिसंबर
-चिकित्सकों ने लंदन के एक विशेषज्ञ डॉक्टर को पीड़ित की जांच के लिए बुलाया। देर शाम पीड़ित युवती की हालत बेहद नाजुक हुई
-इंडिया गेट पर धारा 144 लगाकर रास्ते बंद करने की पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर
29 दिसंबर
-मध्य रात्रि के बाद 2.15 बजे सिंगापुर में पीड़ित युवती की मौत
-राजधानी छावनी में तब्दील, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
30 दिसंबर
-तड़के 3.30 बजे पीड़ित युवती का शव विमान से दिल्ली पहुंचा। सुबह 7.30 बजे पीड़ित युवती का द्वारका के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार
31 दिसंबर
-जंतर-मंतर पर युवाओं का विरोध प्रदर्शन
1 जनवरी
-जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, दो किसानों ने की भूख हड़ताल
3 जनवरी
-पुलिस ने साकेत कोर्ट में पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
-वारदात में इस्तेमाल बस के मालिक दिनेश यादव को पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया
6 जनवरी
-आरोपी पवन और विनय ने सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई, पुलिस ने मांग को खारिज किया
17 जनवरी
-फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहुंचा वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म का मामला
21 जनवरी
-फास्ट ट्रैक कोर्ट (साकेत) में सुनवाई शुरू हुई
2 फरवरी
-कोर्ट ने राम सिंह, मुकेश, विनय, पवन और अक्षय के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में दायर चार्जशीट पर आरोप तय किए
4 फरवरी
-पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दायर की
5 फरवरी
-साकेत कोर्ट में पीड़िता के दोस्त ने बयान दर्ज कराए
11 मार्च
-तिहाड़ जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में आरोपी राम सिंह की मौत, शव फांसी पर लटका मिला
5 अप्रैल
-तिहाड़ जेल में कैदियों ने आरोपी विनय का हाथ तोड़ा
11 अप्रैल
-आरोपी पवन और विनय ने अर्जी दायर कर कहा कि वे घटना की रात बस में नहीं थे
17 मई
-पीड़िता की मां साकेत कोर्ट में गवाह के तौर पर पेश हुई और कहा कि उसकी बेटी को न्याय दिया जाए
4 जून
-नाबालिग आरोपी 18 साल का हुआ
22 अगस्त
-सुप्रीम कोर्ट ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को फैसला देने की अनुमति दी। नाबालिग की उम्र को लेकर सुब्रहमण्यम स्वामी की तरफ से दायर याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार किया
31 अगस्त
-जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने नाबालिग आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई।
3 सितंबर
-साकेत कोर्ट में आरोपी मुकेश, पवन, विनय और अक्षय की ओर से बचाव पक्ष की अंतिम जिरह पूरी, अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा

Dainik Jagran

दिल्ली गैंगरेप केस : सभी दोषियों को फांसी की सजा

 दिल्ली गैंगरेप के चारों गुनहगारों को कोर्ट ने शुक्रवार को फांसी की सजा सुनाई है। फास्ट टै्रक कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश योगेश खन्ना दोपहर ढाई बजे अपना फैसला सुनाया। इस पूर्व सभी दोषियों को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट पहुंचा दिया गया है। आज सुनाए जाने वाले इस फैसले पर पूरे देश और दुनिया की निगाहें लगी हुई हैं।

अभियोजन पक्ष इस मामले को दुर्लभ अपराध बताते हुए सजा-ए-मौत की मांग कर चुका है, जबकि बचाव पक्ष ने दोषियों को सुधार का एक मौका देने की अपील की है।
अभियोजन पक्ष ने फांसी की सजा की मांग की
वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए मुकेश कुमार, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर को अभियोजन पक्ष के वकील दयान कृष्णन ने मौत की सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा था कि यह वारदात संगठित एवं नियोजित ढंग से अंजाम दिया गया था। वारदात को जिस नृशंस एवं अमानवीय तरीके से अंजाम दिया गया, उसकी पुष्टि पीड़िता की चोटों से भी हुई है। उन्होंने मानवता की सभी हदें पार कर दीं। फांसी की सजा देने से आपराधिक वारदात को अंजाम देने वालों में संदेश जाएगा कि वे बच नहीं सकते।
बचाव पक्ष ने कहा, सुधरने का दिया जाए मौका
बचाव पक्ष के वकीलों का कहना है कि यह मामला दुर्लभ अपराध का नहीं बनता। देश में सैकड़ों हत्याएं होती हैं, हत्या के अपराध को कानून की नजर में नृशंस माना गया है, लेकिन हर हत्या के मामले में फांसी की सजा नहीं दी जाती। अभियुक्तों को सुधार के अवसर के रूप में जेल भेजा जाता है। लिहाजा, इस मामले में फांसी की सजा नहीं दी जानी चाहिए। अभियुक्तों का यह पहला अपराध है। अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा दी जा सकती है।
वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म- क्रोनोलॉजी
16 दिसंबर
-वसंत विहार में रात 9.30 बजे चलती चार्टर्ड बस में फिजियोथेरेपिस्ट युवती से सामूहिक दुष्कर्म व उसके दोस्त की पिटाई
-युवती को सफदरजंग अस्पताल में दाखिल कराया गया
17 दिसंबर
-सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज
-युवती की हालत बिगड़ी, दो सर्जरी की गई
-मुख्य आरोपी राम सिंह गिरफ्तार
19 दिसंबर
-तीन अन्य आरोपी विनय, पवन और मुकेश गिरफ्तार
-अदालत में विनय और पवन ने गलती स्वीकार की और विनय ने फांसी की सजा मांगी
-पीड़िता के दोस्त ने अदालत में बयान दर्ज कराया
-हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस से मामले की रिपोर्ट मांगी
20 दिसंबर
-घटना से आक्रोशित लोगों ने जंतर-मंतर, इंडिया गेट और विभिन्न जगहों पर प्रदर्शन किया
21 दिसंबर
-पुलिस ने हाईकोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की। अदालत ने रिपोर्ट पर असहमति जताई। पुलिस आयुक्त से घटना वाली रात ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के नाम मांगा गया
22 दिसंबर
-एसडीएम ने अस्पताल में जाकर पीड़ित युवती का बयान दर्ज किया
-प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन का घेराव किया
23 दिसंबर
-इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे युवकों और पुलिसकर्मियों में झड़प। कांस्टेबल सुभाष तोमर को अस्पताल में दाखिल कराया गया
24 दिसंबर
-एसडीएम ने बयान दर्ज करने के दौरान डीसीपी छाया शर्मा व दो एसीपी पर व्यवधान डालने का आरोप लगाया। मंडलायुक्त ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को भेजी
26 दिसंबर
-पीड़ित युवती की हालत बिगड़ी। उसे एयर एंबुलेंस से सिंगापुर स्थित माउंट एलिजाबेथ अस्पताल भेजा गया
27 दिसंबर
-पीड़िता की हालत और अधिक बिगड़ी। सिंगापुर के डॉक्टरों ने बताया कि पीड़िता के सिर में गंभीर चोट है
28 दिसंबर
-चिकित्सकों ने लंदन के एक विशेषज्ञ डॉक्टर को पीड़ित की जांच के लिए बुलाया। देर शाम पीड़ित युवती की हालत बेहद नाजुक हुई
-इंडिया गेट पर धारा 144 लगाकर रास्ते बंद करने की पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर
29 दिसंबर
-मध्य रात्रि के बाद 2.15 बजे सिंगापुर में पीड़ित युवती की मौत
-राजधानी छावनी में तब्दील, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
30 दिसंबर
-तड़के 3.30 बजे पीड़ित युवती का शव विमान से दिल्ली पहुंचा। सुबह 7.30 बजे पीड़ित युवती का द्वारका के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार
31 दिसंबर
-जंतर-मंतर पर युवाओं का विरोध प्रदर्शन
1 जनवरी
-जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, दो किसानों ने की भूख हड़ताल
3 जनवरी
-पुलिस ने साकेत कोर्ट में पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
-वारदात में इस्तेमाल बस के मालिक दिनेश यादव को पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया
6 जनवरी
-आरोपी पवन और विनय ने सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई, पुलिस ने मांग को खारिज किया
17 जनवरी
-फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहुंचा वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म का मामला
21 जनवरी
-फास्ट ट्रैक कोर्ट (साकेत) में सुनवाई शुरू हुई
2 फरवरी
-कोर्ट ने राम सिंह, मुकेश, विनय, पवन और अक्षय के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में दायर चार्जशीट पर आरोप तय किए
4 फरवरी
-पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दायर की
5 फरवरी
-साकेत कोर्ट में पीड़िता के दोस्त ने बयान दर्ज कराए
11 मार्च
-तिहाड़ जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में आरोपी राम सिंह की मौत, शव फांसी पर लटका मिला
5 अप्रैल
-तिहाड़ जेल में कैदियों ने आरोपी विनय का हाथ तोड़ा
11 अप्रैल
-आरोपी पवन और विनय ने अर्जी दायर कर कहा कि वे घटना की रात बस में नहीं थे
17 मई
-पीड़िता की मां साकेत कोर्ट में गवाह के तौर पर पेश हुई और कहा कि उसकी बेटी को न्याय दिया जाए
4 जून
-नाबालिग आरोपी 18 साल का हुआ
22 अगस्त
-सुप्रीम कोर्ट ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को फैसला देने की अनुमति दी। नाबालिग की उम्र को लेकर सुब्रहमण्यम स्वामी की तरफ से दायर याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार किया
31 अगस्त
-जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने नाबालिग आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई।
3 सितंबर
-साकेत कोर्ट में आरोपी मुकेश, पवन, विनय और अक्षय की ओर से बचाव पक्ष की अंतिम जिरह पूरी, अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा

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दिल्ली गैंगरेप केस : सभी दोषियों को फांसी की सजा

 दिल्ली गैंगरेप के चारों गुनहगारों को कोर्ट ने शुक्रवार को फांसी की सजा सुनाई है। फास्ट टै्रक कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश योगेश खन्ना दोपहर ढाई बजे अपना फैसला सुनाया। इस पूर्व सभी दोषियों को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट पहुंचा दिया गया है। आज सुनाए जाने वाले इस फैसले पर पूरे देश और दुनिया की निगाहें लगी हुई हैं।

अभियोजन पक्ष इस मामले को दुर्लभ अपराध बताते हुए सजा-ए-मौत की मांग कर चुका है, जबकि बचाव पक्ष ने दोषियों को सुधार का एक मौका देने की अपील की है।
अभियोजन पक्ष ने फांसी की सजा की मांग की
वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए मुकेश कुमार, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर को अभियोजन पक्ष के वकील दयान कृष्णन ने मौत की सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा था कि यह वारदात संगठित एवं नियोजित ढंग से अंजाम दिया गया था। वारदात को जिस नृशंस एवं अमानवीय तरीके से अंजाम दिया गया, उसकी पुष्टि पीड़िता की चोटों से भी हुई है। उन्होंने मानवता की सभी हदें पार कर दीं। फांसी की सजा देने से आपराधिक वारदात को अंजाम देने वालों में संदेश जाएगा कि वे बच नहीं सकते।
बचाव पक्ष ने कहा, सुधरने का दिया जाए मौका
बचाव पक्ष के वकीलों का कहना है कि यह मामला दुर्लभ अपराध का नहीं बनता। देश में सैकड़ों हत्याएं होती हैं, हत्या के अपराध को कानून की नजर में नृशंस माना गया है, लेकिन हर हत्या के मामले में फांसी की सजा नहीं दी जाती। अभियुक्तों को सुधार के अवसर के रूप में जेल भेजा जाता है। लिहाजा, इस मामले में फांसी की सजा नहीं दी जानी चाहिए। अभियुक्तों का यह पहला अपराध है। अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा दी जा सकती है।
वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म- क्रोनोलॉजी
16 दिसंबर
-वसंत विहार में रात 9.30 बजे चलती चार्टर्ड बस में फिजियोथेरेपिस्ट युवती से सामूहिक दुष्कर्म व उसके दोस्त की पिटाई
-युवती को सफदरजंग अस्पताल में दाखिल कराया गया
17 दिसंबर
-सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज
-युवती की हालत बिगड़ी, दो सर्जरी की गई
-मुख्य आरोपी राम सिंह गिरफ्तार
19 दिसंबर
-तीन अन्य आरोपी विनय, पवन और मुकेश गिरफ्तार
-अदालत में विनय और पवन ने गलती स्वीकार की और विनय ने फांसी की सजा मांगी
-पीड़िता के दोस्त ने अदालत में बयान दर्ज कराया
-हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस से मामले की रिपोर्ट मांगी
20 दिसंबर
-घटना से आक्रोशित लोगों ने जंतर-मंतर, इंडिया गेट और विभिन्न जगहों पर प्रदर्शन किया
21 दिसंबर
-पुलिस ने हाईकोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की। अदालत ने रिपोर्ट पर असहमति जताई। पुलिस आयुक्त से घटना वाली रात ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के नाम मांगा गया
22 दिसंबर
-एसडीएम ने अस्पताल में जाकर पीड़ित युवती का बयान दर्ज किया
-प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन का घेराव किया
23 दिसंबर
-इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे युवकों और पुलिसकर्मियों में झड़प। कांस्टेबल सुभाष तोमर को अस्पताल में दाखिल कराया गया
24 दिसंबर
-एसडीएम ने बयान दर्ज करने के दौरान डीसीपी छाया शर्मा व दो एसीपी पर व्यवधान डालने का आरोप लगाया। मंडलायुक्त ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को भेजी
26 दिसंबर
-पीड़ित युवती की हालत बिगड़ी। उसे एयर एंबुलेंस से सिंगापुर स्थित माउंट एलिजाबेथ अस्पताल भेजा गया
27 दिसंबर
-पीड़िता की हालत और अधिक बिगड़ी। सिंगापुर के डॉक्टरों ने बताया कि पीड़िता के सिर में गंभीर चोट है
28 दिसंबर
-चिकित्सकों ने लंदन के एक विशेषज्ञ डॉक्टर को पीड़ित की जांच के लिए बुलाया। देर शाम पीड़ित युवती की हालत बेहद नाजुक हुई
-इंडिया गेट पर धारा 144 लगाकर रास्ते बंद करने की पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर
29 दिसंबर
-मध्य रात्रि के बाद 2.15 बजे सिंगापुर में पीड़ित युवती की मौत
-राजधानी छावनी में तब्दील, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
30 दिसंबर
-तड़के 3.30 बजे पीड़ित युवती का शव विमान से दिल्ली पहुंचा। सुबह 7.30 बजे पीड़ित युवती का द्वारका के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार
31 दिसंबर
-जंतर-मंतर पर युवाओं का विरोध प्रदर्शन
1 जनवरी
-जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, दो किसानों ने की भूख हड़ताल
3 जनवरी
-पुलिस ने साकेत कोर्ट में पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
-वारदात में इस्तेमाल बस के मालिक दिनेश यादव को पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया
6 जनवरी
-आरोपी पवन और विनय ने सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई, पुलिस ने मांग को खारिज किया
17 जनवरी
-फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहुंचा वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म का मामला
21 जनवरी
-फास्ट ट्रैक कोर्ट (साकेत) में सुनवाई शुरू हुई
2 फरवरी
-कोर्ट ने राम सिंह, मुकेश, विनय, पवन और अक्षय के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में दायर चार्जशीट पर आरोप तय किए
4 फरवरी
-पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दायर की
5 फरवरी
-साकेत कोर्ट में पीड़िता के दोस्त ने बयान दर्ज कराए
11 मार्च
-तिहाड़ जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में आरोपी राम सिंह की मौत, शव फांसी पर लटका मिला
5 अप्रैल
-तिहाड़ जेल में कैदियों ने आरोपी विनय का हाथ तोड़ा
11 अप्रैल
-आरोपी पवन और विनय ने अर्जी दायर कर कहा कि वे घटना की रात बस में नहीं थे
17 मई
-पीड़िता की मां साकेत कोर्ट में गवाह के तौर पर पेश हुई और कहा कि उसकी बेटी को न्याय दिया जाए
4 जून
-नाबालिग आरोपी 18 साल का हुआ
22 अगस्त
-सुप्रीम कोर्ट ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को फैसला देने की अनुमति दी। नाबालिग की उम्र को लेकर सुब्रहमण्यम स्वामी की तरफ से दायर याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार किया
31 अगस्त
-जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने नाबालिग आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई।
3 सितंबर
-साकेत कोर्ट में आरोपी मुकेश, पवन, विनय और अक्षय की ओर से बचाव पक्ष की अंतिम जिरह पूरी, अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा

सोमवार, जून 10, 2013

‘सजना मंगिया सजाईदा हमार’ का भव्य मुहूर्त


भोजपुरी के चर्चित गायक गुंजन सिंह भी बने नायक 
मनोज तिवारी, दिनेशलाल यादव और पवन सिंह तथा खेशारीलाल यादव जैसे चर्चित गायकों के अभिनय में कामयाबी का झंडा गाड़ने के बाद अब बारी है बिहार के चर्चित गायक गुंजन सिंह के बतौर नायक भोजपुरिया पर्दे पर छा जाने की। गुंजन सिंह को बतौर नायक फिल्मी पर्दे पर लांच कर रहे हैं युवा फिल्मकार अंजनी कुमार सिंह हलचल। अंजनी कुमार सिंह हलचल जिस फिल्म से गुंजन सिंह को लांच कर रहे हैं उस भोजपुरी फिल्म का नाम है ‘सजना मंगिया सजाईदा हमार’। मैनास प्रोडक्शन प्रा. लि. के बैनर तले बन रही इस फिल्म ‘सजना मंगिया सजाईदा हमार’ का मुहूर्त पिछले दिनों मुंबई के कृष्णा स्टूडियो में किया गया तो भोजपुरी सिनेमा जगत के तमाम दिग्गज निर्माता अंजनी कुमार सिंह हलचल और फिल्म ‘सजना मंगिया सजाईदा हमार’ के नायक गुंजन सिंह को बधाई देने पहुंचे। इस अवसर पर निर्माता अंजनी कुमार सिंह हलचल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मेरी काफी दिनों से इच्छा थी कि मैं कोई भोजपुरी फिल्म बनाऊं। इसी बीच मैं एक कार्यक्रम में गया जिसमें गुंजन सिंह के चाहने वालों की तादाद देखकर मैं दंग रह गया और मैंने तय कर लिया कि मैं गुंजन सिंह को लेकर फिल्म बनाऊंगा। आज मेरी फिल्म ‘सजना मंगिया सजाईदा हमार’ का मुहूर्त इसी कड़ी का हिस्सा है। यह फिल्म ‘सजना मंगिया सजाईदा हमार’ जल्द ही सेट पर जाएगी। इस फिल्म की शूटिंग बिहार के अलावा मुंबई में भी की जाएगी। इस फिल्म के निर्देशक हैं ओमप्रकाश यादव। इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए गुंजन सिंह ने कहा कि मुझे कई फिल्मों के आॅफर आये मगर मैं चाह रहा था कि किसी अच्छी फिल्म से बतौर अभिनेता कैरियर की शुरुआत की जाये। आज ‘सजना मंगिया सजाईदा हमार’ के जरिये मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि हां ये फिल्म वाकई कमाल की फिल्म होगी जिसे भोजपुरिया दर्शक पूरे परिवार के साथ बैठ कर देख सकते हैं। udaybhagat@gmail.com

रविवार, जून 02, 2013

Dhurandhar - The Shooter is now ready for release

भोजपुरी फिल्मो के सदाबहार सुपर स्टार रवि किशन और संगीता तिवारी अभिनीत धुरंधर - द शूटर प्रदर्शन के लिए तैयार है . साईं चलचित्र इंटरटेनमेंट के बैनर तले निर्मित इस फिल्म की निर्मात्री है रुक्मिणी तिवारी जबकि निर्देशन की कमान थामी है दीपक तिवारी ने . धुरंधर - द शूटर में रवि किशन व संगीता तिवारी के अलावा भोजपुरिया खलनायिकी के सिरमौर अवधेश मिश्रा, राजेश अवस्थी, प्रिया गमरे, ब्रजेश त्रिपाठी, बाल गोविन्द आदि मुख्य भूमिका में हैं. इसके अलावा तीन अलग अलग गानों पर संभावना सेठ, सीमा सिंह और सुनीता अपना जलवा बिखेरते नज़र आने वाली हैं . सुपर स्टार रवि किशन के अनुसार धुरंधर - द शूटर मुख्य रूप से छात्र राजनीति पर आधारित फिल्म है जिसमे वो एक अपराधिक प्रवृति के नेता अवधेश मिश्रा के करीबी की भूमिका में हैं . इसके अलावा फिल्म में उनके अलग अलग कई शेड्स हैं . रवि किशन के साथ ही ए बालम परदेसी से अपने फ़िल्मी कैरियर की शुरुवात करने वाली संगीता तिवारी फिल्म में शिवानी दिक्षित नाम की छात्रा की भूमिका में हैं जो एक बाहुबली के खिलाफ चुनाव लडती है . निर्देशक दीपक तिवारी की यह पहली भोजपुरी फिल्म है इसके पूर्व वो कई मराठी व हिंदी फिल्मो में अपना योगदान दे चुके हैं . दीपक तिवारी के अनुसार धुरंधर - द शूटर अपने निर्माण के चरम पर है और जल्द ही फिल्म के प्रदर्शन की घोषणा कर दी जाएगी . फिल्म के गीतकार संजय कबीर, जीतू यादव व एस . कुमार हैं जबकि संगीत गुनवंत सेन का है . फिल्म की कथा व संवाद सभा वर्मा के हैं जबकि पटकथा गुनवंत सेन का है .

Dildaar Sanwariya - Music Launched

भोजपुरी फिल्मो की हॉट केक कही जाने वाली अभिनेत्री अंजना सिंह व नए अभिनेता यश कुमार मिश्रा की फिल्म दिलदार सांवरिया का म्यूजिक सिलवासा में निर्माता दीपक शाह व संगीतकार व गीतकार विनय बिहारी के हाथो रिलीज़ किया गया. इस मौके पर अभिनेता यश कुमार, अंजना सिंह व आनंद मोहन भी मौजूद थे . फिल्म में कुल नौ गाने हैं जो यू ट्यूब और सोशल मिडिया साईट पर पहले से ही धूम मचा रही है . तन्वी मल्टीमीडिया के बैनर तले दीपक शाह निर्मित व विशाल वर्मा निर्देशित उनकी फिल्म दिलदार सावरिया में अंजना की यश के साथ रोमांटिक जोड़ी है , लेकिन फिल्म की खासियत है यश का जोरदार एक्शन , उनका उनके परिवार के प्रति इमोशन और यश व अंजना का रोमांस . प्रदर्शन के लिए तैयार इस फिल्म के लेखक हैं एस . के . चौहान . फिल्म के एक्शन दृश्यों को निर्देशित किया है दक्षिण भारत के प्रसिद्द फाईट मास्टर वेंकट ने , जबकि इसे कैमरे में उतारा है दक्षिण भारत के ही कैमरामेन सी . जगन ने . दिलदार सावरिया के अन्य मुख्य कलाकारों में प्रसिद्द खलनायक संजय पाण्डेय, अलोक यादव, सोम भूषण , मानवेन्द्र त्रिपाठी, ज़फर खान, नीलिमा सिंह, सोनिया मिश्रा, रितु सिंह, धर्मेन्द्र, उमाकांत , जैकी और संजय वर्मा है . फिल्म के आयटम डांस को शिल्पी शुक्ला और मल्लिका शाह पर फिल्माया गया है